बिहारी छात्रों की बंगाल में पिटाई?

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में परीक्षा देने गए बिहार के दो छात्रों की पिटाई, उनके कागजात फाड़ने की कोशिश, डोमिसाइल मांगने और उनसे कान पकड़ कर ऊठक-बैठक कराने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए ममता बनर्जी सरकार से इस पूरे मामले की जांच मांग की है। उन्होंने कहा कि क्या बिहारी अस्मिता का राग अलापने वाले तेजस्वी यादव बिहारी छात्रों की पिटाई मामले में अपना मुंह खोलेंगे? क्या राहुल गांधी दोषियों के खिलाफ ममता बनर्जी से कार्रवाई करने की मांग करेंगे? जिस बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों को संरक्षित किया जाता है, वहीं बिहार या देश के किसी दूसरे राज्य से परीक्षा देने गए छात्रों की पिटाई ममता सरकार की अराजकता और गुंडागर्दी को दर्शाता है। हद है कि बिहार के सोये दो छात्रों को जगा कर पिटाई की गई और परीक्षा देने के लिए बंगाल फिर कभी नहीं आने के लिए कान पकड़ कर उठक-बैठक कराई गई। यह केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि संविधान की मूल भावना पर भी प्रहार है।
Next Post